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विश्व समुदाय भारत के साथ, सीमा पर बढ़ा तनाव

एयर स्ट्राइक,

ले पंगा न्यूज डेस्क, तीर्थराज । भारत का एक पड़ोसी देश, जो हमेशा अपनी बेईमानी को साथ लिये चलते हुए आज तक आतंकवाद पर अपना रूख साफ नहीं कर पाया है। आप सही नाम ही सोच रहे हैं, हम बात कर रहे हैं बदकिस्मती से भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान की। पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देता है, अपने यहां बड़ी ताताद में उनके ट्रेनिंग कैंप लगाता है और इसे भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर सेना के जवानों के साथ-साथ मासूम लोगों की मौत का खेल खेलता है। भारत देश हमेशा इग्नोर कर माफी दे देता है और नापाक पाकिस्तान फिर से भारत की पीठ में छुरा घोंपने से बाज़ नहीं आता। एक बार फिर पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हमला कर आतंकवाद का छुरा मारा है। अब भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने की तैयारी कर ली है, वीटो पॉवर कंट्री के अलावा पूरा विश्व समुदाय भारत के साथ आ खड़ा और जल्द ही पाकिस्तान को पुलवामा हरकत की बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

भारत-पाक सीमा पर बनी तनावपूर्ण स्थिति

पुलवामा में सीआरपीएफ पर आतंकी हमले के बाद पूरा देश सड़कों पर उतर आया और सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने की मांग की जाने लगी। मोदी सरकार ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए इस कड़ी में सख्त फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। सबसे पहले तो पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर हमला करते हुए मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीना, जिससे पाक को व्यापार में अरबों का नुकसान तय है। भारत की सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों द्वारा गृह मंत्री राजनाथ सिंह से लगातार गुप्त मिटिंग्स चल रही हैं। सेना के सूत्रों की मानें तो मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना को खुली छुट देने की बात भी सामने आ रही है, जिसके बाद भारत-पाक सीमा पर स्थिति में काफी तेजी से बदलाव आया है। सेना ने अपना होमवर्क करना शुरू कर दिया है और मजबूत बेस बनाने की तैयारी कर रही है। सेना भी लगातार सीधे गृह मंत्री राजनाथ सिंह व वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में है।

सीमापार पर भी बढ़ी गतिविधियां, आतंकियों ने बदले ठिकाने

पुलवामा आतंकी हमले में हाथ होने से भले ही पाकिस्तान इंकार कर रहा हो, लेकिन भारतीय सीमा पर सेना को मिली मोदी सरकार की खुली छुट के बाद, बढ़ी सक्रियता ने पाकिस्तान की नींद उड़ा रखी है। सीमा पार भारतीय सेना की सक्रियता ने हड़कंप मचा दिया है। सेना सूत्रों के मुताबिक सीमा पार से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद लगातार अपने ठिकाने बदलने में लगे हैं औऱ आतंकी ज्यादा आबादी क्षेत्र में ठिकाने शिफ्ट कर रहा है। आतंकियों को भारतीय सुरक्षा बलों की अचानक कार्रवाई का डर सता रहा है। पाकिस्तान की इमरान सरकार ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए मामले पर चर्चा के लिए भारत से अपने हाई कमिश्नर को बुलाया है। वहीं विश्व समुदाय के भारत के साथ आ खड़े रहने से भी पाकिस्तान में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। ये दबाव पाकिस्तान को लगातार डरा रहा है कि अब क्या होने वाला है। बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते भी अब पाकिस्तान इतना भयभीत है कि उसने अपनी सेनाओं को जम्‍मू कश्‍मीर से सटी एलओसी और इंटरनेशनल बॉर्डर पर हाई अलर्ट कर दिया है। भारत की ओर से पाकिस्‍तान पर दबाव बनाने के लिए अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय के बीच सभी डिप्‍लोमैटिक कदम उठाए जा रहे हैं।

आतंकवाद मानवता के लिए खतरा, विश्व समुदाय आया भारत के साथ

पुलवामा आतंकी हमला होने के तुरंत बाद ही पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी लेकर इस हमले में पाकिस्तान का सीधा हाथ होने पर मोहर लगा दी। इसके बाद से ही आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ कई देश जुटने लग गए। विश्व की वीटो पॉवर कंट्रीज अमेरिका, रूस सहित विश्व समुदाय भारत के साथ आ खड़ा है। विभिन्न देशों के राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री साफ कर चुके हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए खतरा है और इसे जड़ से खत्म किया जाना बहुत ही जरूरी है। वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल के पी 5 देशों से मुलाकात की जद में है, हांलाकि पाकिस्तान ने इन पी 5 देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर पुलवामा हमले में अपना रूख साफ किया और इसे भारत का मात्र प्रपोगेंडा करार दिया है। पूरी दुनिया में आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ एकजुट होने का अभियान सा चल पड़ा है और इसे जड़ से मिटाने के लिए मजबूत कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है। जिसके बाद पाकिस्तान की हवा टाइट होने लगी है। पीएम मोदी भी पाकिस्तान को पुलवामा हमले का खुला दोषी ठहरा रहे हैं और आतंकियों और उन्हें पनाह देने वाले नापाक मुल्क पाकिस्तान को कड़ी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहने की चुनौती तक दे चुके हैं।

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जैश-ए-मोहम्मद भारतीय विदेश मंत्रालय भारतीय सेना सीआरपीएफ

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