शादी के 10 साल बाद लिया पायलट बनने का संकल्प आज कश्मीर घाटी में सक्रीय हैं सुनिता

ले पंगा न्यूज डेस्क, चंदना पुरोहित। आमतौर पर देखा जाता है की महिलाएँ अपनी शादी के बाद नौकरी छोड़ देती हैं। आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताएंगे जो आपकी प्रेरणा बन सकती है। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के रसूलपुर गांव की सुनीता कुमारी शादीशुदा महिलाओ के लिए एक मिसाल हैं। दो दशक पहले सुनीता साइंस टीचर थी, शादी के 10 साल बाद उन्होंने पायलट बनने का फैसला किया। आज वह जम्मू-कश्मीर में छह सीटर पवन हंस हेलिकॉप्टर की पायलट हैं। सुनीता का कहना है कश्मीर घाटी में हेलिकॉप्टर उड़ाना चुनौती का काम है लेकिन वह कहती हैं कि जब माउंट एवरेस्ट पर हेलिकॉप्टर उतर सकता है तो कुछ भी मुश्किल नहीं है।

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5 अगस्त को अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के बाद से ही सुनीता जम्मू-कश्मीर में काम कर रही हैं।सुनीता ने बताया की उनकी हमेशा से यह चाहत थी की वह अपने जीवन में कठिन कार्य करें और हरियाणा की महिलाओं को प्रेरित करें। उनका कहना है की किसी भी महिला को किसी भी काम में असहज नहीं होना चाहिए। फिलहाल वह डबल इंजन वाले हेलिकॉप्टर को सहयोगी पायलट के साथ उड़ाती हैं लेकिन उनका कहना है कि जल्द ही वह अकेले भी उड़ान भरने लगेंगी।

सुनीता जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, हंदवाड़ा और बारामुला जैसे संवेदनशील इलाकों में भी लैंड कर चुकी है। इसके अलावा वह कोकरनाग, अनंतनाग, बालटाल और पहलगाम से भी लोगों को लेजा चुकी हैं।सुनीता के पिता ने भी काफी समय तक एलओसी पर काम किया है। सुनीता का कहना है की वह अपने पिता के पदचिन्हो पर चल रही हैं और उनकी बेटियां भी उसी रास्ते पर हैं। अब सुनीता देश के सबसे बेहतर हेलिकॉप्टर सेवा के लिए काम कर रहीं हैं और फिलहाल कश्मीर घाटी में सक्रिय हैं।

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