pragya

साध्वी के टिकट को लेकर विपक्षी ने बीजेपी को घेरा

लोकसभा 2019,

ले पंगा न्यूज डेस्क, प्रिंयका शर्मा। मोदी जी के कितने चेहरे है यह समझ पाना थोड़ा मुश्किल सा हो रहा है एक तरफ तो वो देश की सेना के लिए मरने-मिटने की बाते करते है और, वही दूसरी तरफ वो आतंकी गतिविधियों के आरोप में जेल काट चुकीं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को भारतीय जनता पार्टी में शामिल कर चुके है। मोदी जी की इस मंशा के पीछे का क्या कारण है, यह तो खुद मोदी जी ही जाने। जी हाँ साध्वी को भोपाल से बीजेपी द्वारा लोकसभा चुनाव का टिकट देने के बाद से उनके नाम पर हर दिन नया विवाद सामने आ रहा है। अब मुंबई आतंकी हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे पर साध्वी प्रज्ञा के बयान को लेकर विपक्षी नेता बीजेपी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेर रहे हैं. इस कड़ी में एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी से सवाल किया है कि क्या वो आतंकवाद के केस की आरोपी साध्वी प्रज्ञा के लिए चुनाव प्रचार करेंगे. ओवैसी ने मोदी और बीजेपी पर इस बात को लेकर सीधा आरोप लगाया है कि, मोदी ने क्या आतंकवाद से समझौता कर लिया है.

बता दे कि मुंबई हमले के दौरान शहीद हुए हेमंत करकरे पर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने बड़ा ही बेबुनियादी सा बयान दिया था जिसपर पर ओवैसी ने कहा, ‘साध्वी ने कहा था कि शहीद पुलिस अधिकारी को श्राप लगा इसलिए उनका अंत हुआ. ये बयान गैरजिम्मेदाराना ही नहीं बल्कि उन बहादुर अफसरों की बेइज्जती है, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान से आए आतंकवादियों से लड़ते हुए अपनी जान को कुर्बान कर दिया.

दरअसल साध्वी को टिकट दिए जाने पर ओवैसी ने कहा कि इससे दुनिया भर में देश का नाम खराब हुआ है. चुनाव जीतने के लिए मोदी को कोई और प्रत्याशी नहीं मिला क्या? जो उन्होंने एक आतंकवाद का आरोप झेल रहे आरोपी को प्रत्याशी बना दिया. मोदी सरकार की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ एक ड्रामा है  इसके साथ ही साथ असदुद्दीन ओवैसी ने यह भी कहा कि हम लोग कहते हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता है, लेकिन मालेगांव में विस्फोटक जिस गाड़ी से बंधे थे, वह साध्वी प्रज्ञा सिंह की थी. इस विस्फोट में दस लोग मारे गए थे और एक सौ से अधिक घायल हुए थे. और इस बात पर ओवैसी ने सवाल किया कि आखिरकार टिकट मिलने से यह साफ होना चाहिए कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर प्रधानमंत्री को क्यों पसंद आईं और उसका प्रधानमंत्री से क्या नाता है.

इसके साथ ही ओवैसी ने कहा कि अगर हम किसी बम विस्फोट के आरोपी के साथ फोटो भी खिंचवा लेते है तो मीडिया दो दिन उसे सिर पर उठाए रखता.लेकिन महान साध्वी कहती हैं कि चुनाव धर्मयुद्ध है, और अगर यही बात ओवैसी कहता तो मीडिया बवाल मचा देता. बीजेपी की पुरानी आदत रही है कि, वह हर सवाल को धर्म और आस्था से जोड़ देती है.

गौरतलब है कि भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा था, ‘वो जांच अधिकारी सुरक्षा आयोग का सदस्य था, और उस सदस्य ने ही हेमंत करकरे को बुलाया और कहा कि साध्वी को छोड़ दो. लेकिन हेमंत करकरे ने कहा कि मैं कुछ भी करूंगा,लेकिन सबूत लाउंगा और साध्वी को नहीं छोड़ूंगा. ये उसकी कुटिलता थी, या ये देशद्रोह था, या फिर धर्मविरुद्ध था, वो शहीद मुझसे पूछता था कि क्या मुझे सच के लिए भगवान के पास जाना होगा, तो मैंने कहा था कि, आपको जरूरत है तो जाइए. मैंने उसे कहा था तेरा सर्वनाश होगा, उसने मुझे गालियां दी थीं. जिसदिन मैं गई तो उसके यहां सूतक लगा था और जब उसे आतंकियों ने मारा तो सूतक खत्म हुआ.’

हालांकि, इस बयान के बाद साध्वी की काफी आलोचना भी हुई और बाद में साध्वी ने अपना बयान वापस लेते हुए कहा था, ‘अगर किसी ने हमें प्रताड़ित किया तो हमने उसको कह दिया है. यह बिल्कुल हमारा ही बयान होना चाहिए. लेकिन अपनी बात को साधते हुए या अपने खुद के ही बयान से पल्ला झाड़ते हुए साध्वी ने कहा कि हमारे देश के दुश्मनों को इससे बल मिलता है.तो मैं अपना यह बयान वापस लेती हूं.’

Tag In

#bjp 2019 #loksabha-chunav #loksabha-saabha-chunav #loksabhachunav2019 #pragya singh thakur bhopal loksabha election

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *