सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सरकार डालेगी 70,000 करोड़ रुपए

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ले पंगा न्यूज डेस्क, अशोक योगी। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 70,000 करोड़ रुपये की पूंजी डालने की घोषणा आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की है। इससे इन बैंकों की ऋण देने की क्षमता बढ़ेगी। वित्त वर्ष 2019-20 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) में एक लाख करोड़ रुपये की कमी आई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 70,000 करोड़ रुपये डालने का फैसला किया है। इससे ऋण की वृद्धि सुधरेगी। जिससे पिछले चार बरसों में बैंकों ने दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) तथा अन्य तरीकों से चार लाख करोड़ रुपये की वसूली की है।
उन्होंने कहा कि घरेलू ऋण में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। सीतारमण ने कहा कि सरकार ने सुगम तरीके से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का एकीकरण किया है। इससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या में आठ की कमी आई है।

देश में 64.37 अरब डॉलर की आई एफडीआई

वही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मीडिया, विमानन, बीमा ओर एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों को उदार करने का प्रस्ताव भी रखा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2019-20 का बजट पेश करते हुए यह प्रस्ताव किया। उन्होंने कहा कि बीते वित्त वर्ष में देश में 64.37 अरब डॉलर का एफडीआई आया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष से छह प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा कि सरकार विमानन, मीडिया, एवीसीजी (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) तथा बीमा क्षेत्रों को एफडीआई के लिए और खोलने को अंशधारकों के साथ चर्चा की जाएगी।

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