Rahul-Gandhi and Ranjan-Gogoi

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई राहुल गांधी को फटकार, सीजेआई गोगोई ने कहा- आपको खेद जताने के लिए 22 पन्नों का हलफनामा देना पड़ा, कोष्ठक में खेद लिखने का क्या मतलब है?

लोकसभा 2019,

ले पंगा न्यूज। देवेन्द्र कुमार। सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी को फटकार लगाई है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने राहुल के हलफनामे पर भी सवाल उठाए। सीजेआई गोगोई ने राहुल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि आपके मुवक्किल बयान देकर उसे सही ठहराने की कोशिश करते हैं। इस पर सिंघवी ने कहा कि हलफनामे में राहुल ने खेद जाहिर किया है, और यह माफी मांगने के समान हैं। सिंघवी की इस बात पर कोर्ट ने कहा कि आप हलफनामे में क्या कहना चाहते हैं, हमें तो यह समझने में ही बहुत मुश्किल हो रही है। इस पर सिंघवी ने राहुल गांधी की तरफ से कोर्ट से माफी मांगी और नया हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा। अब अदालत 6 मई को इस मामले की सुनवाई करेगी।

भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने लगाई थी याचिका

पिछले दिनों राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट लीक दस्तावेजों के आधार पर दोबारा सुनवाई के लिए तैयार हो गया था। कोर्ट द्वारा दोबारा सुनवाई करने की बात पर राहुल गांधी ने कहा था कि अदालत ने भी मान लिया कि चौकीदार चोर है। राहुल के इस बयान पर भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने राहुल के खिलाफ कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की थी।

कोर्ट ने कहा कहीं गलती मानी है तो कहीं इनकार भी कर दिया

राहुल ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में हलफनामा दिया था। राहुल के हलफनामें को पढ़ने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा – राहुल हलफनामें में कुछ जगहों पर अपनी गलती मानते हैं तो कुछ जगहों पर उससे इनकार भी करते हैं। कोर्ट ने कहा हमें इस हलफनामे में दिए गए राजनीतिक पहलू से कोई लेना-देना नहीं है। कोर्ट ने राहुल के वकील को कहा कि आपने खेद जाहिर करने के लिए 22 पन्नों का हलफनामा दिया, और उसमें भी कोष्ठक में खेद जाहिर करने का क्या मतलब है। भाजपा नेता लेखी के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि अवमानना मामलों में कानून स्पष्ट है कि पहली लाइन ही बिना शर्त, माफी से शुरू होनी चाहिए।

नया हलफनामा भी दिया उसमें भी नहीं मांगी माफी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोर्ट की टिप्पणी पर दिए अपने चौकीदार चोर है वाले बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक और नया हलफनामा पेश किया था। राहुल ने इस हलफनामें में भी खेद ही जताया, माफी नहीं मांगी। राहुल ने हलफनामे में कहा था कि राजनीतिक लड़ाई में उनका कोर्ट को घसीटने का कोई इरादा नहीं है।

जानिए क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट राफेल डील के लीक दस्तावेजों को सबूत मानकर मामले की दोबारा सुनवाई के लिए तैयार हो गया था। इस पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि कोर्ट ने भी मान लिया कि ‘चौकीदार ही चोर है।’ राहुल द्वारा यह बयान देने के बाद भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ अवमानना का केस दायर कर दिया था। इस पर कोर्ट ने राहुल को बिना नोटिस जारी किए ही जवाब मांगा था। राहुल ने 22 अप्रैल को माना था कि कोर्ट ने ऐसा कुछ नहीं कहा और गर्म चुनावी माहौल में जोश में उनके मुंह से यह बात निकल गई। उन्होंने अपनी टिप्पणी पर खेद जताया था।

Tag In

#rahul_gandhi_super-court #Rahul-Gandhi and Ranjan-Gogoi #SUPERMECOURT #SUPERMECOURTOF INDIA rahul gandhi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *