सोचे, प्लास्टिक इस्तेमाल से पहले

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ले पंगा न्यूज डेस्क, चंदना पुरोहित। भारत एक बार इस्तेमाल आने वाले प्लास्टिक को प्रतिबंध लगाने की और अग्रसर है प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में एक बार इस्तेमाल आने वाले प्लास्टिक को छोड़ने का आव्हान किया है। इसके बाद संसद परिसर में प्लास्टिक इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। भारतीय रेलवे प्लास्टिक 2 अक्टूबर से बंद करने जा रही है। भारत में प्रतिदिन 25000 टन प्लास्टिक का निर्माण होता है। भारत दुनिया में सबसे कम प्लास्टिक उपभोक्ताओं में से हैं। एक भारतीय साल में औसत 11 किलो प्लास्टिक का इस्तेमाल करते हैं।

बांग्लादेश प्लास्टिक का इस्तेमाल प्रतिबंध करने वाला पहला देश है। अमेरिका जैसे राष्ट्र ने आज तक प्लास्टिक पर कभी प्रतिबन्ध नहीं लगाया है। अमेरिका में 109 ,यूरोप में 65, चीन में 38 ,ब्राज़ील में 32 ,भारत में 11 किलो प्लास्टिक का प्रतिवर्ष इस्तेमाल होता है एक व्यक्ति द्वारा। प्लास्टिक इस्तेमाल का वैश्विक दर प्रतिवर्ष प्रतिव्यक्ति 28 किलो है। प्रतिवर्ष 41 लाख टन से ले कर 1 . 25 करोड़ टन प्लास्टिक समुद्र में मिलता है। जो आने वाले 5 सालों में दोगुना हो सकता है। अब तक के प्लास्टिक उत्पाद में से 79 % पर्यावरण में ही मौजूद है। दुनिया के 127 देशो ने प्लास्टिक उपयोग पर रोक लगा रखी है।

प्लास्टिक पर्यावरण के लिए हानीकारक है। एक बार प्लास्टिक बनने के बाद वह पर्यावरण से नष्ट नहीं होता। इंसान ,पशु, जल जीव इन सबके लिए प्लास्टिक अत्यंत हानिकारक है। प्लास्टिक का इस्तेमाल पर रोक ,दुनिया की जरुरत है परन्तु हम इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। हम सब को प्लास्टिक बंदी की और सक्रिय हो कर अपना योगदान देना चाहिए।

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#प्लास्टिक #भारत

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