सोने में भारी बढ़ोतरी के बाद भी सोने में निवेश नहीं करना चाहते निवेशक

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ले पंगा न्यूज डेस्क, चंदना पुरोहित। 2019 के बाद भारत में सोने के भाव 24 फीसदी बढे हैं। 5 सितम्बर और 6 सितम्बर को सोने में कुछ गिरावट आई थी। उससे पहले सोने में 27फीसदी की गिरावट आई थी। उससे पहले सोने में 27 फिसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई थी। अगस्त में सोने का भाव 34 हजार के करीब था। सोने के भाव बढ़ने के बावजूद निवेशक सोने में अपनी ज्यादा रूचि नहीं दिखा रहे हैं। निवेशकों को विश्वास नहीं हो पा रहा है की सोने के भाव और बढ़ेंगे। इसलिए शेयर बाजारों में इतनी गिरावट के बाद भी निवेशक सोने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। निवेशकों का मानना है की सोने में जल्द ही गिरावट आ सकती है। अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर के समाधान के बाद गोल्ड में गिरावट नजर आएगी।

विदेशों में हाल ही में सोने के भाव में काफी गिरावट आई है। विदेशों में सोने में आई गिरावट के चलते सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना 700 रूपए कम हो कर 39580 रूपए पर रुका। चांदी भी सप्ताह के सबसे कम भाव पर आ कर रुक गई। चांदी में 2200 रूपए की गिरावट आई और चांदी का भाव 49500 रूपए प्रति किलो रहा। नोटबंदी के बाद सोने -चांदी में यह सबसे बड़ी गिरावट है। जयपुर में ज्वैलरी कारोबार में 30 फीसदी गिरावट आई है। जो कारोबार कभी 150 किलो प्रति दिन था वह घटकर 80 किलो रह गया है। सोने के भाव में तेजी के साथ ज्वेलरी कारोबार में गिरावट आती है।

अब सरकार की नजर एक्सपोर्ट कारोबार पर है। घटते एक्सपोर्ट और बढती बेरोज़गारी के लिए एक्सपोर्ट नीतियों में बदलाव की जरुरत है। सरकार जेम्स और ज्वैलरी को बढ़ावा देने के लिए सरकार पॉलिशड डायमंड और कलर्ड जेम्स स्टोन पर इंपोर्ट ड्यूटी घटने पर विचार हो रहा है।

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