स्वायत्त शासन एक नहीं बल्कि इतनी बार दिए मानसून पूर्व सफाई के निर्देश…

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ले पंगा न्यूज डेस्क, प्रियंका शर्मा।  मानसून में अक्सर थोड़ी सी बारिश शहरों के लिए आफत लेकर आती है. कई बार बारिश के कारण होने वाले हादसों में लोगों की जान तक चली जाती है. बारिश के पानी के निकास के लिए साफ-सफाई को लेकर हर मानसून से पहले सरकार की ओर से शहरी निकायों को निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन निकाय हैं कि मानते ही नहीं. इस बार स्वायत्त शासन विभाग ने एक नहीं दो बार निकायों को मानसून पूर्व सफाई का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे.

प्रदेश में मानूसन आगमन की औपचारिक तिथि 15 जून मानी जाती रही है. इस कारण मानसून पूर्व सफाई कार्य इस तिथि से पूरा किया जाना चाहिए, लेकिन हर बार प्रदेश के शहरी निकाय इसमें लापरवाही करते आए हैं. नतीजन समय पर नाले, गंदी गलियां व सीवर के मैनहोल साफ नहीं होने के कारण जरा सी बारिश में शहरों में बाढ़ की स्थिति सी हो जाती. इसके चलते होने वाले हादसे में लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है. पिछले सालों में कुछ हादसों में तो बच्चों तक की मौत हो चुकी है. इस बार मानसून में ऐसे हादसे नहीं हो, इसके लिए स्वायत्त शासन एक नहीं बल्कि दो बार निकायों को मानसून पूर्व सफाई समय पर पूरा करने के निर्देश दिए थे. मुख्य सचिव डीबी गुप्ता के स्तर पर मामले को गंभीरता से लेने के बाद विभाग ने 22 अप्रेल और उसके बाद 4 जून को निर्देश जारी किए थे.

इन निर्देशों में निकायों को क्या कहा गया:

—20 जून तक शहर की सभी नाला-नाली और सीवर के मैनहोल की सफाई करें
—सफाई करने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से इन्हें ढका जाए
—सड़कों पर फैले मलबे-कचरे को तुरंत हटाने का काम शुरू किया जाए
—ताकि पानी के बहाव में रूकावट नहीं हो और रूकावट के कारण बाढ़ की स्थिति नहीं बने
—नालों से निकले मलबे को शहर के निचले इलाकों के भराव के लिए इस्तेमाल किया जाए
—सड़क और छोटी नालियों से बड़े नालों में जा रहे रास्तों पर जालियां लगाई जाए
—सड़क पर बने नाले-नालियों की क्रॉसिंग व खुले नालों पर फेरोकवर लगाए जाएं
—कोई भी सीवर का मैनहोल खुला नहीं रहें, सफाई के बाद इन्हें ढका जाए
—सफाई कार्य के बाद चेतावनी के बोर्ड लगाए जाएं
—15 जून से लेकर 30 सितम्बर तक की अवधि में रोड कट की स्वीकृति नहीं दी जाए
—सड़क के गड्डों को मिट्टी के कट्टों से भरा जाए

मानसून आने से पहले शहरों में बरसाती पानी के निकास के रास्ते बाधा रहित हो और किसी तरह की रूकावट नहीं हो, इस लिहाज से सरकार ने निकायों को हिदायत दी थी. सरकार ने तो निर्देश जारी कर अपना काम तो पूरा कर दिया.

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# नाले #मानसून #स्वायत्त_शासन

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