हथियार खरीदना भारत का संप्रभु अधिकार है: जयशंकर

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ले पंगा न्यूज डेस्क, चंदना पुरोहित। भारत ने 2018 में रूस से एस-400 मिसाइल डिफेन्स सिस्टम खरीदने का करार किया था। भारत को 2021 के मध्य में रूस से एस-400 मिसाइल की पहली खेप मिल जाएगी। भारत ने दीर्घकालीन सुरक्षा के लिए पांच 400 मिसाइल के लिए 5.43 करोड़ रुपयों की डील पर भारत ने रूस के साथ समझौता किया था। इस समझौते से नाराज होकर अमेरिका ने भारत पर प्रतिबन्ध लगाने की धमकी दी है। अमेरिका के प्रतिबन्ध लगाने के खतरे के बावजूद भारत 400 मिसाइल खरीदने के अपने अधिकार का बचाव किया है।

भारत के विदेश मंत्री इस जयशंकर इस समय अमेरिका दौरे पर हैं। अमेरिका में उन्होंने अमेरिका के प्रतिबन्ध लगाने के खतरे के बावजूद अपनी हथियार खरीदने के अधिकार का बचाव किया, उन्होंने अमेरिका की चिंताओं के बारे में चर्चा की बात कहीं परन्तु रूस से एस -400 मिसाइल खरीदने के अंतिम निर्णय के बारे में बताने से इनकार कर दिया। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो से बैठक से पहले जयशंकर ने कहा 400 मिसाइल खरीदने के लिए हम स्वतंत्र हैं। हम नहीं चाहते की कोई हमें बताए की हमें रूस से क्या ख़रीदना है या क्या नहीं। हम क्या खरीदते हैं यह हमारा सम्प्रभु मामला है। इसी तरह हमें कोई यह भी नहीं बता सकता की अमेरिका से क्या खरीदना है और क्या नहीं।

अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए सभी दक्षिण को ईरान से तेल खरीदने पर प्रतिबन्ध लगाने की धमकी दी है। ट्रम्प सरकार ने ईरान से तेल खरीदने वाले देशों को मिलाने वाली छूट को समाप्त कर दी थी। इस मामले में जयशंकर से सवाल करने पर जयशंकर ने ईरान के मामले में कोई टिप्पणी नकारते हुए बताया हमें यह भरोसा दिया गया है की ऊर्जा के किफ़ायत निति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

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