हाथ नहीं थमेगा झाड़ू ,शीला की ज़िद्द, अकेले लड़ेगी

लोकसभा 2019,

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नई दिल्ली: दिल्ली की सात लोकसभा सीटों पर कांग्रेस अकेली ही मैदान में उतरेंगी. आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के घर बैठक हुई.बैठक में राज्य कांग्रेस ने राहुल गांधी को स्पष्ट बताया गया कि हम गठबंधन के पक्ष नहीं है अगर गठबंधन होता है तो हमें दिल्ली विधानसभा में बड़ा नुकसान होगा. इसके साथ ही आप ने लोकसभा चुनाव में जो उम्मीदवार उतारे हैं वह हाई-प्रोफाइल नहीं और उनका राजनीतिक कद भी ऊंचा नहीं है.

पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता आप के साथ गठबंधन के पक्ष में थे, लेकिन दिल्ली कांग्रेस के नेताओं का मानना था कि आम आदमी पार्टी की अपेक्षा कांग्रेस के ग्राफ मे लगातार बढोत्तरी हो रही है. इसके साथ ही दिल्ली में अब लोग कांग्रेस को पसंद कर रहे हैं. वहीं पार्टी कार्यक्रमों में भीड़ बढ़ रही है.पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली कांग्रेस की मुखिया शीला दीक्षित लगातार प्रदेश के बड़े पार्टी नेताओं के साथ लोकसभा चुनाव को लेकर बैठक कर रही हैं. इसमें शीला और उनके सिपाहसलार पार्टी के प्रदेश प्रभारी और बड़े नेताओं को लगातार अकेले ही दिल्ली के रण में उतरने के लिए दबाव बना रही थी.

लोकसभा चुनाव के कुछ महीनों बाद दिल्ली में विधानसभा के चुनाव होना है. आम आदमी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में ही अपने चार वर्षों कार्यकाल के लेखा- जोखा दिल्लीवासियों को देना शुरू कर दिया है. पार्टी वर्तमान परिपेक्ष को ध्यान में रखते हुए भाजपा और कांग्रेस को लगातार घेर भी रही है.

आम आदमी पार्टी दिल्ली को पूर्ण राज्य को दर्जा मिलने, दिल्ली सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप होने को लेकर भाजपा व मोदीनीत सरकार को लेकर चार साल से ही निशाना बना रही है. वहीं, कांग्रेस की सत्ता के समय हुए विकास कार्यों और घोटालों को भी याद करवाना नहीं भूलती है.

इधर,कांग्रेस सीएम केजरीवाल और उनकी पार्टी के द्वारा किए गए झूठे वादों को जनता को याद दिलाकर निशाना साध रही रही है. ऐसे में अगर दोनों दल लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन कर भी लेते है तो विधानसभा चुनाव में दिल्ली की जनता के सामने क्या मुंह लेकर जाते इसे लेकर दोनों के बीच भी उहापोह की स्थिति बनी हुई थी. आम आदमी पार्टी महागठबंधन के फार्मूले के तहत कांग्रेस, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी सीटों का बंटवारा चाहती थी. पंजाब और चंडीगढ़ में सीटों के बंटवारें को लेकर पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर पहले ही हाईकमान को पहले ही मना कर चुके थे. पंजाब और चंडीगढ़ में सीट बंटवारा नहीं होने के चलते आप दिल्ली में पांच या चार सीटें अपने पास रखना चाहती थीं, बची हुई सीटें कांग्रेस को देना चाहती थी, लेकिन कांग्रेस के दिल्ली संगठन किसी भी गठबंधन के पक्ष में नहीं थे.

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की छह लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा कि थी कि इनमें नई दिल्ली सीट से ब्रजेश गोयल, पूर्वी दिल्ली सीट से आतिशी, उत्तर पूर्वी दिल्ली से दिलीप पांडे, दक्षिणी दिल्ली से राघव चड्ढा, चांदनी चौक से पंकज गुप्ता और उत्तरी पश्चिम दिल्ली से गुग्गन सिंह को मैदान में उतारा है. पार्टी पश्चिमी दिल्ली से जल्द ही अपना उम्मीदवार तय करेंगी.

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