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हुई बड़ी सुरक्षा चूक, तभी हुआ पुलवामा जैसा बड़ा आतंकी हमला – सूद

एयर स्ट्राइक,

नई दिल्ली । पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा जम्मू-कश्मीर के पुलवामा सेक्टर में सीआरपीएफ पर किया गया आत्मघाती आतंकी हमला बिना सुरक्षा चूक के संभव नहीं है। ये कहना है भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के पूर्व प्रमुख विक्रम सूद का। एएनआई न्यूज एजेंसी के अनुसार रॉ के पूर्व प्रमुख विक्रम सूद ने ये बात हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान कही है। सूद ने कहा कि, ‘मुझे नहीं पता असल में यह हमला कैसे हुआ लेकिन ऐसी घटनाएं सुरक्षा में बड़ी चूक के बिना नहीं हो सकती हैं।’ सूद ने पूरी घटना को गौर से देखने की बात करते हुए कहा कि, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि इसे अंजाम देने के लिए एक से अधिक लोग शामिल रहे हैं। एक पूरी टीम इसमें शामिल थी, किसी ने विस्फोटक का इंतजाम किया होगा तो किसी ने कार का। और तो और आतंकियों की इस टीम को सीआरपीएफ की हर मूवमेंट की पूरी जानकारी तक थी। 

देश के प्रमुख सुरक्षा बल में शामिल सीआरपीएफ के जवान, परिवार के साथ छुट्टियां बिताकर वापस लौट रहे थे और पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने उनके काफिले पर आत्मघाती हमला कर उनमें से 40 से ज्यादा जवानों को हमेशा-हमेशा के लिए अपने परिवार से छीन लिया। हांलाकि मोदी सरकार द्वारा आतंकवाद को संरक्षण देने वाले पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लिया गया है और डोजियर सौंपने की तैयारी की जा रही है। वहीं भारत-पाक सीमा पर पाक को कड़ा जवाब देने को लेकर तैयारी की जा रही है। सोमवार को सेना द्वारा जैश के कमांडर राशिद गाजी सहित दो आतंकियों को भी मार गिराया गया है और सेना की कार्रवाई अभी भी जारी है। मगर सवाल यह उठता है कि क्या वाकई पहले से अलर्ट के बावजूद सुरक्षा में किसी चूक की बदौलत पुलवामा घटना पेश आई है। भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख विक्रम सूद का ये बयान इस मामलो के देखते हुए काफी अहम है कि बिना सुरक्षा चूक के पुलवामा जैसी आतंकी घटना होना नामुमकीन है। पूरे घटनाक्रम को किसी टीम के द्वारा ऑपरेट कर अंजाम दिया गया है और टीम में कई सदस्यों के रोल से भी इंकार नहीं किया जा सकता। इसके बाद सुरक्षा चूक को लेकर सामने आ रहे खुलासे से कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

 गृह मंत्री राजनाथ सिंह की गुप्त बैठक के बाद एक्शन प्लान तैयार

बता दें कि इसी 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा सेक्टर में 78 वाहनों से करीब ढ़ाई हजार से भी अधिक सीआरपीएफ जवानों का काफिला जा रहा था। इस सीआरपीएफ काफिले में से अधिकतर जवान छुट्टियों के बाद वापिस लौट रहे थे। तभी अवंतिपुरा इलाके में श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर लाटू मोड़ के पास आंतकियों ने घात लगाकार फिदायीन हमला कर दिया। पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने हमले के तुरन्त बाद इसकी पूरी जिम्मेदारी भी ले ली। इसके बाद से भारत-पाक सीमा पर तनाव जारी है। भारत सरकार के गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ देश के शीर्ष खुफिया अधिकारियों ने दिल्ली में गुप्त बैठक कर कई महत्वपूर्ण लिये हैं। साथ ही पाकिस्तान के आतंकवाद के रूख को लेकर उसे कड़ा जवाब देने की चर्चा की गई। पुलवामा हमले में पाकिस्तानी हाथ होने के पुख्ता सबूतों के साथ उसे डोजियर देना प्लानिंग का हिस्सा है।

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