छठे चरण के लिए थमा चुनाव प्रचार, इन दिग्गज नेताओं की साख लगी दांव पर

लोकसभा 2019,

ले पंगा न्यूज। देवेन्द्र कुमार। छठे चरण के चुनाव के लिए आज यानी शुक्रवार को शाम 5 बजे चुनाव प्रचार थम गया। छठे चरण के चुनाव 12 मई को होंगे इस दिन 59 सीटों पर वोटिंग है। पिछली बार के लोकसभा चुनाव में इस 59 सीटों में से बीजेपी ने 44, कांग्रेस ने 2, टीएमसी ने 8 और अन्य ने पांच सीटें जीती थी। छठे चरण के इस चुनाव में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है। इन दिग्गजों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, बीजेपी नेता साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, मोदी सरकार के मंत्री राधा मोहन सिंह, क्रिकेटर से पॉलिटिशियन बने गौतम गंभीर सहित अनेक दिग्गज शामिल हैं।

12 मई को होने वाले छठें चरण में कई सीटों पर रोचक मुकाबला होगा। इन सीटों में आजमगढ़ सीट शामिल हैं। आजमगढ़ सीट पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सामने बीजेपी की ओर से भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ मैदान में हैं। भोपाल में दिग्विजय सिंह के सामने बीजेपी ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को मैदान में उतारा है। गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने बीजेपी ने डॉ. केपी यादव मैदान में हैं। उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से शीला दीक्षित के सामने बीजेपी ने मनोज तिवारी को टिकट दिया है।

जानिए दिग्गजों के बारे में

भोपाल सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी के रूपे में दिग्विजय सिंह मैदान में हैं। दिग्विजय सिंह 1993 में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। सिंह 2003 तक मुख्यमंत्री रहे। इनके बाद 2003 में बीजेपी की उमा भारती प्रदेश की मुख्यमंत्री बनी। दिग्विजय सिंह ने चुनाव हारने के बाद यह तय किया कि वे अब आने वाले 10 साल तक चुनाव ही नहीं लड़ेंगे। सिंह ने इस दौरान पार्टी के महासचिव की भूमिका निभाई। सिंह को आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई। जनवरी 2014 में सिंह मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने गए।

मध्यप्रेदश की भोपाल लोकसभा सीट की चर्चित उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही है। इस सीट पर इनका मुकाबला कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह से है। शपथपत्र के अनुसार, 49 साल की साध्वी ने उच्च शिक्षा प्राप्त की है। साध्वी ने 1994 में लहार से बीए फाइनल, 1996 में भिंड से एमए फाइनल और 1997 में विद्या निकेतन ऑफ फिजिकल एजुकेशन, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल से बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन की डिग्री ली है।

पिता की मौत के बाद राजनीति में आने वाले 47 वर्षीय ज्योतिरादित्य सिंधिया इस बार मध्य प्रदेश की गुना लोकसभा सीट से लोकसभा के सांसद हैं। 2019 के चुनाव में सिंधिया एक बार फिर गुना सीट से ही मैदान में है। बता दें कि 30 सितंबर, 2001 को विमान हादसे में ज्योतिरादित्य के पिता माधवराव सिंधिया की मौत हो गई थी। इसके बाद ही ज्योतिरादित्य राजनीति में आए थे। उन्होंने लोकसभा का पहला चुनाव 2002 तथा दुसरा चुनाव 2004 में 14वीं लोकसभा में जीता था।

गायक हंसराज हंस इस बार उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। 2009 में शिरोमणि अकाली दल से हंस राज हंस ने राजनीति में कदम रखा था। साल 2014 में हंसराज ने कांग्रेस पार्टी की सदस्ता ले ली। इसके बाद हंसराज 10 दिसंबर 2016 को भाजपा में शामिल हो गए। हंसराज हंस ने 2017 के एमसीडी चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन किया।

आजमगढ़ से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव चुनाव लड़ रहे हैं। यादव ने अपना पहला लोकसभा चुनाव 2000 में कन्नौज सीट से लड़ा था, यादव ने इस चुनाव में जीत दर्ज की थी। इसके बाद अखिलेश यादव 2004 और 2009 में भी कन्नौज से चुनाव मैदान में उतरे और जीत दर्ज की। यादव साल 2012 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इस दौरान उनकी उम्र महज 38 वर्ष थी।

पूर्वी चंपारण लोकसभा सीट से बीजेपी ने राधामोहन सिंह को मैदान में उतारा है। कहा जाता है कि राधामोहन सिंह मिट्टी से जुडे नेता हैं और ये ऐसे नेता हैं जो मिट्टी की सेहत को पहचानते हैं। राधामोहन ने राजनीति की शुरुआत 1967 में छात्र नेता के रूप में की थी। राधामोहन के जनसंपर्क और जनजुड़ाव का प्रभाव इनता था वे 1989 से लेकर अब तक 5 बार सांसद रहे।

15 साल तक दिल्ली की सीएम रही शीला दीक्षित को उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से कांग्रेस ने मैदान में उतारा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 2019 के चुनाव से ठीक पहले दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की कमान शीला दीक्षित को सौंपी है। बता दें कि सोनिया गांधी ने 1998 में शीला दीक्षित को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कमान सौंपी थी, आज की ही तरह उस समय भी कांग्रेस की हालत पतली ही थी।

उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से शीला दीक्षित के सामने बीजेपी ने मनोज तिवारी को टिकट दिया है। मनोज तिवारी ने 10 साल तक भोजपुरी गायक के रूपे में लोगों के दिलों पर राज किया। अब वो पिछले 10 साल से राजनीति में हैं। तिवारी ने 2009 में समाजवादी पार्टी से राजनीति की शुरूआत की। लेकिन असफल रहे। इसके बाद भाजपा ने 2014 में तिवारी को उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से टिकट दिया और मोदी लहर में मनोज चुनाव जीत गए। इसके बाद भाजपा ने तिवारी को दिल्ली बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया।

गौतम गंभीर क्रिकेट की पिच से राजनीति के मैदान में पहुंचे हैं। गौतम गंभीर भारत के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी थे। बाएं हाथ के बल्लेबाज गौतम दिल्ली से घरेलू क्रिकेट खेलते थे। इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेलते थे। 2008 में गंभीर को भारत सरकार ने अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था। गंभीर इस बार के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से मैदान में हैं।

छठे चरण में इन सीटों पर होंगे चुनाव

छठें चरण में 12 मई को बिहार की पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, वाल्मीकि नगर, गोपालगंज, सीवान, शिवहर, वैशाली और महाराजगंज सहित कुल आठ सीटों पर चुनाव होंगे। हरियाणा की अंबाला, सिरसा, हिसार, कुरुक्षेत्र, सोनीपत, कर्नल, भिवानी–महेन्द्रगढ़, रोहतक, गुड़गांव और फरीदाबाद सीट पर चुनाव होंगे। उत्तर प्रदेश की 14 सीटों (सुल्तानपुर, फूलपुर, प्रतापगढ़, इलाहाबाद, श्रावस्ती, डुमरियागंज, अंबेडकर नगर, बस्ती, लालगंज, आजमगढ़, संत कबीर नगर, जौनपुर, मछलीशहर और भदोही), मध्य प्रदेश की 8 सीटों, पश्चिम बंगाल की 8 और झारखंड की 4 सीटों (गिरिडीह, धनबाद, जमशेदपुर और सिंहभूम) के अलावा दिल्ली की सभी सातों सीटों पर चुनाव होंगे।

Tag In

#elections #elections 2019 #loksabhachunav #sixphases

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *