17वीं लोकसभा के पहले सत्र में इन युवा सासंदों ने ​जीता दिल, एक के तो दिवाने हुए पीएम मोदी…

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ले पंगा न्यूज डेस्क, चंदना पुरोहित। हाल ही में संपन्न हुए 2019 के लोकसभा चुनावों में कुछ नए सासंद जीतकर पहली बार लोकसभा में आएं है। जो की हमें भविष्य का भरोसा दिलाते हैं। उसमे से एक सांसद हैं जामयांग शेरिंग। जामयांग लद्दाख से पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर ससंद में पहुंचे है। जामयांग काफी दमखम रखने वाले नेता हैं।

हाल ही में लद्दाख के इस युवा सासंद ने लोकसभा में एक शानदार भाषण दिया। जिसकी सराहना प्रधानमंत्री समेत कई दिग्गजों ने की। सांसद शेरिंग ने अपने भाषण के दौरान गाँधी परिवार को लद्दाख के पिछड़े होने का जिम्मेदार ठहराया। शेरिंग जो की खुद लद्दाख से आते हैं वह लद्दाख की समस्याओं को ज्यादा अच्छी तरह समझते हैं। शेरिंग ने सदन के भीतर जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल और और धारा 370 के हटाए जाने पर अपने सकारात्मक विचार रखे।

उन्होंने धारा 370 को नेहरूजी की गलती बताया और कहा की कांग्रेस- पीडीपी नेशनल कॉन्फ्रेंस को लद्दाख से कोई सरोकार नहीं है, वह लद्दाख के बारें मैं कुछ जानते तक नहीं। उन्होंने कहा की लद्दाख शुरू से ही हिंदुस्तान का अभिन्न अंग रहा है।

अब बात करते हैं महुआ मोइत्रा की जो कृष्णनगर से टीएमसी के सांसद है। उन्होंने अपने कार्यकाल के लोकसभा के पहले सत्र से ही अपनी जोरदार पहचान दर्ज कराई। वह बैंक मैं कर्मचारी रह चुकी हैं और विदेश मैं नौकरी कर चुकी हैं। उन्होंने सरकार पर यूएपीए बिल के दौरान हमला बोला की सरकार को सरदार पटेल के बारे में सिर्फ बाते ना करके उनके आदर्शों का पालन भी करना चाहिए। मोइत्रा ने आरोप लगाया की सरकार लोगो को डराती है, इस दौरान उनके भाषण पर सदन में जमकर हंगामा हुआ।

33 वर्षीया अमरावती से सासंद नवनीत राणा का व्यक्तित्व काफी प्रभावशाली है। वह विभिन्न विषयों पर अपनी स्वतंत्र राय रखती हैं। धारा 370 के विषय मैं उन्होंने बताया की राज्यसभा मैं यह बिल पास होने के बाद वह रात को सो नहीं पाई। क्योंकि वह लोकसभा मैं इस विषय पर अपना सकारात्मक मत देने के लिए काफी उत्सुक थी। धारा 370 को हटाए जानेवाले बिल को उन्होंने असली मायने मैं आज़ादी बताया। नवनीत राणा ने सदन मैं कई विषयों पर अपनी राय
रखी।

हिबी इडन कांग्रेस के युवा नेता हैं, वह एर्नाकुलम से सांसद हैं। उन्होंने सदन मैं 50 सवाल पूछे और 2 प्राइवेट मेंबर बिल भी पेश किये। पीड़ितों को मदद करने वालों को कानूनी पचड़ो में से छूट और पुलिस द्वारा इन लोगों को परेशान न किए जाने की अपील की गई। उन्होंने केरल के बाढ़ पीड़ितों व मछुआरों का मुद्दा जोर-शोर से सदन में उठाया और उनकी मुआवजे की रकम बढ़ाने की अपील की।

तेजस्वी सूर्या 28 साल के बीजेपी के सांसद हैं। कर्नाटक के बेंगलुरु से उन्होंने अपनी जीत दर्ज की। वह दिवंगत नेता अनंत कुमार की सीट थी। वह पेशे से वकील हैं और हाई कोर्ट मैं प्रैक्टिस करते है। वह पार्टी की विचारधारा का पुरजोर समर्थन करते हैं। उन्होंने सदन में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाया और पुरे देश में एनआरसी लागु करने की मांग की। उन्होंने कहा की घुसपैठ एक बड़ा खतरा हैं।

लोकसभा मैं इन 5 सांसदों ने अपने प्रभाव को दर्ज किया हैं। आनेवाले समय में पुरे देश की नजर इन युवाओं के कार्यो पर रहेगी।

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