संसद हमला: 18 साल पहले दहल गया था लोकतंत्र का मंदिर, इस दिन मिली थी इस मास्टरमाइंड को फांसी!

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ले पंगा न्यूज डेस्क, धीरज सैन। 2001 की 13 दिसंबर की वो काली सुबह आज तक हर भारतीय के दिल में जीवित है। बता दें कि आज से 18 साल पहले भारत के लोकतंत्र के मंदिर यानी कि संसद भवन में आंतकियों ने इस पवित्र स्थल को खून से रंगने का घिनौना काम करने का अपना पूरा प्रयास किया था। लेकिन हमारे देश की सुरक्षा व्यवस्था ने उन आंत​कवादियों के मनसूबों पर पानी फेर दिया और कोई बड़ी घटना घटित होती उससे पहले ही इन्हें ढेर कर डाला।

गौरतलब है कि इस आतंकी हमले में पांच आतंकियों सहित 8 सुरक्षाकर्मी और एक व्यक्ति की जान गई तो कई बेकूसर घायल हो गए। इस आतंकी हमले के मास्टर मांइड सरगना जैश ए मोहम्मद के अफजल गुरू और उसके साथियों को पुलिस ने 15 दिसंबर 2001 को गिरफ्तार कर लिया। बाद में अफजल गुरू को 9 फरवरी 2013 को फांसी दी गई। आज देश उस दर्दनाक हादसें की 18वीं मना रहा है।

बता दें कि 13 फरवरी 2001 को एक सफेद कलर की कार संसद भवन में पहुंची। जिसमें पांच आंतकी सवार थे। बाद में इन आतंकियों ने कार से उतरकर अंधाधुंध गोलियां चलाई। लेकिन जवानों ने इन आंतकियों का मुंहतोड़ जवाब दिया और वहीं इन आंतकियों को ढेर कर डाला। बाद में जब सुरक्षाकर्मियों ने उनकी कार की जांच की तो उनके द्वारा लाई गई कार पूरी तरह से आग का गोला थी। उसमें कई किलो बारूद भरा थ। उसके बाद पुलिस ने इस आंतकी घटना को अंजाम देने वाले मास्टरमाइंड को पकड़ा और उन्हें सजा दी।

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