ovesu

30 साल से इस सीट पर राज कर रहा है ओवैसी परिवार, जानें आंकड़े

लोकसभा 2019,

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद देश की महत्वपूर्ण लोकसभा सीटों में से एक है। यह सीट आजादी के बाद से कांग्रेस का गढ़ रही है। लेकिन पिछले तीन दशक से ज्यादा समय से अब इस सीट पर ओवैसी परिवार का कब्जा है। अभी इस सीट से एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी सांसद है। इस बार भी एआईएमआईएम से ओवैसी ही इस सीट से चुनाव लड़ेंगे। पर उन्हें भाजपा की ओर से कड़ी चुनौती मिल रही है।1951 के बाद से अब तक हैदराबाद लोकसभा सीट पर 16 आम चुनाव हुए हैं। 1951 में पहली बार इस सीट से कांग्रेस के अहमद मोहिउद्दीन को जीत मिली। जबकि 1957 में कांग्रेस के ही विनायकराव कोरटकर सांसद बने। इसके बाद 1962 और 1967 में कांग्रेस के उम्मीदवार गोपाल सुब्बूकृष्ण मेलकोटे चुनाव जीते। हालांकि मेलकोटे ने 1971 में कांग्रेस की बजाय तेलंगाना प्रजा समिति से चुनाव लड़ा और जीते भी। 1977 में एक बार फिर कांग्रेस ने इस सीट पर कब्जा जमाया और के एस नारायणा सांसद बने।

इसके बाद 1980 में भी नारायणा कांग्रेस आई से सांसद बने। कुल मिलाकर 1951 से 1980 तक इस सीट पर सात लोकसभा चुनाव हुए जिनमें से छह बार कांग्रेस को जीत मिली। इसके बाद 1984 में इस सीट पर पहली बार ओवैसी परिवार की एंट्री हुई और सुल्तान सलाहुद्दीन निर्दलीय चुनाव जीत सांसद बने। 1989 में सलाहुद्दीन ने एआईएमआईएम से चुनाव लड़ा और फिर जीत हासिल की। इसके बाद वह एआईएमआईएम से 1991, 1996, 1998 और 1999 में इस सीट से लगातार जीतते रहे। इसके बाद उन्होंने खराब सेहत का हवाला देकर राजनीति से संन्यास ले लिया था। इस सीट से मौजूदा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि, वह 1996 में हुए लोकसभा चुनाव में इस सीट से जीत नहीं सके थे। सलाहुद्दीन के बाद से इस सीट पर असदुद्दीन ओवैसी ही जीत रहे हैं।

एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने यहां से लगातार तीन बार (2004, 2009, 2014) जीत हासिल की है। इस दौरान ओवैसी को भाजपा से लगातार कड़ी टक्कर मिलती है। इस बार भी हैदराबाद सीट पर एआईएमआईएम और भाजपा के बीच काफी रोचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

जहर बनाम ओवैसी!

राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस इस सीट पर ओवैसी के सामने पूर्व क्रिकेट कप्तान अजहरुद्दीन को उतार सकती है। सूत्रों के मुताबिक तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की सभी 17 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की सूची तैयार कर ली है। अजहरुद्दीन इसी शहर से ताल्लुक रखते हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव में वह उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद सीट से जीते थे जबकि 2014 में राजस्थान की टोंक-माधोपुर सीट से हार गए थे।

65 फीसदी अल्पसंख्यक मतदाता

हैदराबाद सीट में करीब 65 फीसदी अल्पसंख्यक वोट हैं जो चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इस लोकसभा में सात विधानसभा सीटें मालकपेट, कारवां, गोशमहल, चारमीनार, चंद्रयान गुट्टा और याकूतपुरा हैं। इनमें से छह एआईएमआईएम के पास है जबकि सिर्फ एक सीट गोशामहल पर भाजपा का कब्जा है।
निजामों का शहर हैदराबाद 1591 में मुहम्मद कुली कुतुबशाह ने पुराने गोलकोंडा से कुछ मील दूर मूसा नदी के किनारे हैदराबाद नामक नया नगर बनाया।
इस खूबसूरत शहर को कुतुबशाही परंपरा के पांचवें शासक मुहम्मद कुली कुतुबशाह ने अपनी प्रेमिका भागमती को उपहार स्वरूप भेंट किया था।
एक प्रसिद्ध धारणा है कि इस शहर को बसाने के बाद मुहम्मद कुली कुतुब शाह एक स्थानीय बंजारा लड़की भागमती से प्रेम कर बैठा। लड़की ने विवाह के बाद इस्लाम स्वीकार किया और उसका नया नाम हैदर महल रखा और शहर का भी नया नाम हैदराबाद।

हैदराबाद को ‘निजाम का शहर’ तथा ‘मोतियों का शहर’ भी कहा जाता है। साथ ही भारत में सूचना प्रौधोगिकी एवं जैव प्रौद्यौगिकी का केन्द्र बन गया है।
हैदराबाद हीरों के व्यापार का केंद्र बनता गया। महारानी एलीजाबेथ के राजमुकुट में जड़ा विश्व में सर्वाधिक प्रसिद्ध कोहिनूर गोलकुंडा की हीरों की खानें से ही निकला है।

मौजूदा सांसदः असदुद्दीन ओवैसी
एआईएमआईएम पार्टी के प्रमुख हैं असदुद्दीन ओवैसी।
13 मई 1969 को असदुद्दीन ओवैसी का जन्म हुआ।
1994 में ओवैसी ने राजनीतिक पारी की शुरुआत की और चारमीनार से विधानसभा चुनाव लड़ा।
2004 में पहली बार हैदराबाद से लोकसभा चुनाव जीत सांसद बने।
2009 और 2014 में भी हैदराबाद सीट से चुनाव जीता।

Tag In

# अहमद मोहिउद्दीन #एआईएमआईएम #एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी #कारवां #कैराना #गोशमहल #चंद्रयान गुट्टा #चारमीनार #तेलंगाना #नरेन्द्रमोदी #नारायणा कांग्रेस आई #पीएम मोदी #बिजनौर #मालकपेट #मुजफ्फरनगर #वेंकैया नायडू #सलाहुद्दीन #सहारनपुर #हैदराबाद लोकसभा सीट कांग्रेस बीजेपी लोकसभा चुनाव 2019

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *