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श्रीलंकन मुस्लिमों में दहशत का माहौल, घर से बाहर निकलने में लग रहा है डर

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ले पंगा न्यूज डेस्क, अशोक योगी। कोलंबो में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के बाद से श्रीलंका मुस्लिम अपने घर के बाहर नहीं निकले हैं। उन्हें डर है कि बम धमाकों के बाद से देश में तनाव का माहौल है और उन पर मुस्लिम होने की वजह से हमला हो सकता है। इन धमाकों से श्रीलंका में दहशत का माहौल है और मुस्लिम समूहों ने भी इनकी निंदा की है, लेकिन समुदाय का एक बड़ा हिस्सा ऐसा है, जो अब भी डरा हुआ महसूस कर रहा है।

डेमाटागोडा स्थित जुम्मा मस्जिद में नमाज के लिए आए हसन ने कहा, ‘मेरे परिवार को डर लगता है कि यदि मैं बाहर निकला तो पता नहीं वापस लौट भी पाऊं या नहीं।’  41 वर्षीय हसन एक प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी करते हैं।  बीते रविवार को ईस्टर के मौके पर श्रीलंका में चर्चों और होटलों में हुए 8 बम धमाकों में 350 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। इन धमाकों की आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने जिम्मेदारी ली है।

मुस्लिम समुदाय के आर एफ अमीर ने कहा कि, ‘हम बेहद डरे हुए हैं क्योंकि कोई भी हमें टोपी में देखता है तो वह अपना दुश्मन समझता है। हम हर किसी को यह बताना चाहते हैं कि आपके दुश्मन हम नहीं हैं। यह हमारी भी जन्मभूमि है।

हमले को लेकर गुस्सा है मुस्लिम

हमलों पर  60 वर्षीय जरीना बेगम कहती है कि ईस्टर के बाद से ही वह सो नहीं पा रही हैं। वह कहती हैं कि मुझे पता है कि लोग मुसलमानों से बेहद गुस्सा हैं।

वही, गमजदा बेगम कहती हैं, ‘आतंकियों ने मांओं की बाहों में खेल रहे बच्चों को भी नहीं बख्शा। मैं इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकती कि उन लोगों के दिमाग में इतनी नफरत पनप रही थी। नफरत का अंत कभी भी नफरत से नहीं किया जा सकता।’

श्रीलंका में मुस्लिम आबादी है 10 प्रतिशत

श्रीलंका की करीब 2.1 करोड़ की आबादी में सिंहली बौद्ध बहुसंख्यक हैं। इसके बाद देश में दूसरे नंबर पर हिंदुओं की आबादी है और मुस्लिमों की संख्या 10 फीसदी के करीब है। जो हिंदुओं के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी अल्पसंख्यक आबादी हैं। देश में करीब 7 फीसदी आबादी ईसाइयों की है।

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