जन्मदिन विशेष: देश को 3 बार हॉकी में स्वर्ण पदक से गौरवान्वित करने वाले ध्यानचंद के बारे में कुछ रोचक जानकारी

ले पंगा न्यूज डेस्क, चंदना पुरोहित। 29 अगस्त 1905 हॉकी के महान खिलाडी ध्यानचंद का जन्म दिन हुआ था। उन की ही याद में आज के दिन को राष्ट्रिय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। आइये कुछ तथ्य जानते हैं ध्यानचंद के बारे में…

-कलकत्ता कस्टम और झाँसी हीरोज के बीच हुआ 1933 का बेटन कप फ़ाइनल उनका सबसे पसंदीदा मैच था।
-उनके भाई रूप सिंह और ध्यानचंद को हॉकी का जुड़वा कहा जाता था। भारत के 1932 के 35 गोल में से 12 ध्यानचंद ने और 13 उनके भाई ने मारे थे।
-ध्यान सिंह को उनके साथी चाँद कहकर बुलाते थे। क्योंकि ध्यान सिंह को पढ़ने का बहुत शौक था और वह चाँद की रोशनी में ही पढ़ना पसंद करते थे।
-ध्यानचंद को बचपन में कुश्ती से बहुत लगाव था।
-उन्होंने भारत के लिए 22 साल तक हॉकि खेली और 400 इंटरनेशनल गोल भी किए।
-जब वह खेलते थे तो एसा लगता था जैसे गेंद उनकी हॉकि के चीपक ही गई हो। हॉलैंड में तो एक बार उनकी बैट के चुंबक होने की आशंका के चलते तोड़ के भी देखा गया। वही जापान मे किसी मैच के दौरान उनकी बैट को गोंद लगे होने की बात कही गई।
-ध्यानचंद का 3 दिसंबर 1979 में दिल्ली में निधन हुआ। झांसी में जहाँ वह हॉकी खेला करते थे उसी मैदान में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

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