MFN दर्जा छीनने के बाद, पहले से कंगाल पाकिस्तान का क्या होगा हाल

एयर स्ट्राइक,

ले पंगा न्यूज़ डेस्क । पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा पुलवामा आतंकी हमले को अंजाम देने के बाद मोदी सरकार ने कड़ा रूख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया और पाकिस्तान से ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का दर्जा छीन लिया है। मोदी सरकार द्वारा शुक्रवार को सुरक्षा मामलों की समिति की मीटिंग में यह फैसला लिया गया। मीटिंग में तय करने पर हमले की समीक्षा में यह साफ हो गया कि इस आतंकी हमले में पाकिस्तान का सीधा हाथ है और पाकिस्तान के सहयोग के बिना आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा इतने बड़े हमले को अंजाम देना, नामुमकीन था। इस पर समिति की ओर से वित्त मंत्री अरूण जेटली ने पाकिस्तान से ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का दर्जा वापस लेने की घोषणा की। अब पहले से ही कंगाल पाकिस्तान पर केन्द्र सरकार के इस फैसले का क्या असर पड़ने वाला है इस बारे में आपको जानकारी देते है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को बेनकाब करने की तैयारी

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती आतंकी हमले में देश ने 40 से ज्यादा जवान खो दिये। साथ ही इस आतंकी हमले में घायल कई जवान जिन्दगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। पूरे देश में इस हमले को लेकर गुस्सा सामने आ रहा है। लोग सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान की आतंकवाद की नीति का विरोध करते हुए मोदी सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे है। केन्द्र की मोदी सरकार ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घेरने की तैयारी करते हुए ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का दर्जा छीन लिया है। इस कार्रवाई से भारत, पाकिस्तान को अलग-थलग कर दुनियाभर के सामने अब बेनकाब करने वाला है। दुनिया भी ये जानें कि पाकिस्तान किस तरह से पड़ौसी मुल्क का ख्याल रखने में आतंकवाद का सहारा लेता है। पीएम मोदी ने इस हमले को लेकर कड़े शब्दों में कहा कि, आतंकवादियों ने बहुत बड़ी गलती कर दी है और उसे अब इसका बड़ा खामियाजा भुगतना होगा। वहीं वित्त मंत्री जेटली ने भी कहा कि जो लोग भी इस हमले में शामिल हैं, उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ छीनने का क्या होगा असर

पुलवामा आंतकी हमले के बाद देशभर में जहां पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा है तो वहीं सरकार भी कड़े फैसले लेने की शुरूवात कर चुकी है। इसी कड़ी में पाकिस्तान से भारत द्वारा ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का दर्जा छीन लिया गया है। इससे पाकिस्तान को व्यापारिक मायनों में बड़ा नुकसान होना तय है। साल 2012 के आंकड़ों को देखा जाए तो भारत-पाकिस्तान के बीच 2.60 बिलियन डॉलर का व्यापार होता है, जिसे अब ब्रेक लगने वाला है। अब ये फैसला लेते हुए पाकिस्तान को खरबों का झटका मोदी सरकार ने लगाया है। गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच चीनी, कपास, सब्जी, फल, ड्राई फ्रूट, स्टील और सीमेंट सरीखों चीजों का व्यापार होता है। वहीं पाकिस्तान की 1,209 उत्पादों की नकारात्मक सूची है, जिनका आयात भारत से नहीं किया जा सकता।

भारत ने तो दिया, लेकिन पाकिस्तान ने नहीं

भारत द्वारा साल 1996 में पाकिस्तान को यह ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ दर्जा प्रदान किया गया था। इस दर्जे के अनुसार जितना संबध हम ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ से रखते हैं, उतना किसी और देश के साथ नहीं रख पाते हैं। वर्ल्ड ट्रेडिंग ऑर्गेनाइजेशन के सदस्य के तौर पर हर देश एक-दूसरे को ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का दर्जा देता है। मोस्‍ट फेवर्ड नेशन स्‍टेटस के तहत अब से पहले पाकिस्‍तान के व्‍यापारियों को वे सभी रियायतें मिल रहीं थी, जो भारत दूसरे देशों को देता है। यहां आपको खास बात बता दें कि, भले ही भारत पाकिस्तान को ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का दर्जा प्रदान कर चुका था मगर पाकिस्तान की ओर से यह दर्जा भारत को अब नहीं दिया गया। बीते साल नवंबर में भी पाकिस्तान की इमरान सरकार ने यह कहते हुए कि, उनका भारत को व्यापार में सबसे तरजीही राष्ट्र का दर्जा देने की अभी कोई योजना नहीं है, ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ दर्जा देने से इनकार कर दिया था।

‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ दर्जा छीनने की पहले भी हुई थी समीक्षा

पुलवामा सेक्टर में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का सीधा हाथ होने की बात सामने आने के बाद आखिरकार भारत ने कड़ा रूख अपनाने हुए कार्रवाई की और समीक्षा कर ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का दर्जा पाकिस्तान से छीन लिया। इससे पहले साल 2016 में जब जम्मू और कश्मीर में उड़ी हमले को आतंकवादियों ने अंजाम दिया था तब भी भारत की ओर से ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ के दर्जे की समीक्षा की गयी थी लेकिन इस दर्जे को वापिस लेने की उठती मांग के बावजूद इसे जारी रखा गया था।

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