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SC कल से अनुच्छेद 35 A पर करेगा सुनवाई, घाटी में सुरक्षा चाक-चौबंद, उमर की चेतावनी

लोकसभा 2019,

ले पंगा न्यूज़ डेस्क । कश्मीर को जमीन और स्थायी निवास पर विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 35 A को लेकर इसी सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होने वाली है और घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। वहीं इस अनुच्छेद को खत्म किए जाने की अटकलों के चलते देश की राजनीति भी गर्माती नजर आ रही है। कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नैशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर उब्दुल्ला ने भी इसे लेकर केंद्र की मोदी सरकार को चेतावनी दी है। सोमवार को उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ऐसा फैसला करती है तो घाटी के हालात अरुणाचल प्रदेश से भी बदत्तर हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द जम्मू-कश्मीर में चुनाव करवाए। वहीं घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद करने के साथ कई इलाकों में धारा 144 लगा दी गई है। वहीं अनुच्छेद 35 A पर चल रही विभिन्न अफवाहें भी अपने चरम पर है, जिसे लेकर राज्यपाल द्वारा ऐसी अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है। वहीं जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा निर्वाचित सरकार द्वारा ही सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने की बात भी कही गई है।

मंगलवार से शुरू होगी अनुच्छेद 35 A पर सुनवाई, उमर अब्दुल्ला की तीखी प्रतिक्रिया

देश के जम्मू-कश्मीर प्रांत को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 35 A पर सुप्रीम कोर्ट कल से सुनवाई करने जा रहा है। 26 फरवरी से लेकर 28 फरवरी तक सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 35 A पर सुनवाई करेगा। जिसको लेकर देश में माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही राजनीतिक गलियारों में भी अनुच्छेद 35 A की सुनवाई खूब चर्चा का विषय है। इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो चुकी है। कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तो केन्द्र की मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए यह तक कहा है कि अगर केन्द्र सरकार अनुच्छेद 35 A खत्म करने का फैसला लेती है तो घाटी में स्थिति काबू से बाहर हो सकती हैं और हालात अरुणाचल प्रदेश से भी बदत्तर होने वाले हैं। वहीं राज्यपाल ने भी घाटी में अरुणाचल प्रदेश अनुच्छेद 35 A को लेकर चल रही अफवाहों पर घाटी वासियों से ध्यान नहीं देने की अपील कर शांति की बनाये रखने को कहा है।

सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, भारी सुरक्षा बल तैनात, हर स्थिति से निपटने की तैयारी

बता दें कि, अनुच्छेद 35 A को लेकर सुप्रीम कोर्ट 26 से 28 फरवरी तक सुनवाई कर फैसला देने वाला है और इसी के चलते घाटी में हालात बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए घाटी में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई है और कई इलाकों में धारा 144 लगाने के साथ ही हर स्थिति से निपटने की तैयारी कर ली गई है। प्रशासन की तरफ से भी पुलिस को कड़ी सुरक्षा के आदेश जारी किये हैं। इसी क्रम में दो दिन पहले ही अर्द्ध सैनिक बलों की भारी तैनाती घाटी में की गई है। बता दें कि, हाल ही में कश्मीर में अलगाववादी नेताओं की केन्द्र सरकार द्वारा सुरक्षा हटाने के बाद की गई गिरफ्तारी के बाद से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। केंद्र द्वारा यहां भारी पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार यहां के लिए कुछ बड़ा फैसला लेने जा रही है। वहीं अनुच्छेद 35 A को लेकर जम्मू-कश्मीर प्रशासन का पुराना रुख बरकरार है। प्रशासन का कहना है कि सिर्फ निर्वाचित सरकार ही इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रख सकती है। सुप्रीम कोर्ट मंगलवार से मामले पर सुनवाई करने वाला है और ऐसे में जम्मू-कश्मीर प्रशासन का ये बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन अंतिम मुहर तो कोर्ट की तरफ से ही लगने वाली है।

जानिए, आखिर क्या है अनुच्छेद 35 A में विवाद का कारण ?

जम्मू-कश्मीर को विशेष प्रांत का दर्जा देने वाली धारा 370 का अनुच्छेद 35 A बहस का कारण इसलिये बना हुआ है क्योंकि यह महिलाओं के साथ भेदभाव करने वाला है। इसके अनुच्छेद के अनुसार अगर एक कश्मीरी पुरुष किसी गैर कश्मीरी महिला से शादी करता है तो वह अपनी संपत्ति अपने बच्चों को दे सकता है, लेकिन अगर कोई कश्मीरी महिला किसी गैर कश्मीरी से शादी करती है तो वो अपनी पैतृक संपत्ति पर अपना दावा खो देती हैं। महिला के साथ भेदभाव के कारण इस अनुच्छेद पर बहस छीड़ी हुई है और अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट के द्वार पर है।

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