कार्ल लैंडस्टाईन ने दी लाखों लोगों को नई जिदंगी, इनको याद किया जाता है विश्व रक्तदान दिवस के रूप में

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ले पंगा न्यूज डेस्क, धीरज सैन। जैसा कि आप सभी जानते हो रक्तदान महादान होता है। आज पूरी दुनियाभर में विश्व रक्तदान दिवस मना रही है। जिसका उद्देश्य लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करना है। बता दें कि कई लोगों की यह धारणा होती है कि रक्तदान करने से शरीर में आती है। इसलिए रक्तदान करने से लोग कुछ ज्यादा ही घबराते है। बता दें कि जिस प्रकार पानी की एक एक बूंद हमारे लिए कीमती उसी प्रकार रक्त की एक एक बूंद किसी दूसरे व्यक्ति को जीवनदान दे सकती है। बता दें कि रक्तदान के दौरान कोई भी दाता जितना रक्त दान करता है शरीर उसकी आपूर्ति 24 घंटों के अंदर कर लेती है।

विश्व रक्तदान दिवस मानव विज्ञान में नोबल पुरस्कार पाए वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टाईन की याद मनाया जाता है। बता दें कि कार्ल लैंडस्टाईन की जयंती 14 जून 1868 को मनाई जाती है। इस कारण हर वर्ष 14 जून का विश्व रक्तदान दिवस मनाया जाता है। कार्ल लैंडस्टाईन को मानव रक्त का वर्गीकरण करने का श्रेय जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य रक्तदान को प्रोत्साहन करना है।

बता दें कि भारत में जहां रक्तदान से जरूरत का मात्र 75 फीसद खून ही एकत्र होता है, वहीं पड़ोसी देश इस मामले में हमसे काफी आगे हैं। देश में हर साल लगभग 1.20 करोड़ यूनिट खून की जरूरत होती है।


रक्तदान के फायदे : रक्तदान से वजन कम करने में मदद मिलती है। साल में कम से कम दो बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए। साथ ही रक्तदान करने से हमारे शरीर में एनर्जी आती है। क्योंकि शरीर में नया खून बनता है। साथ ही रक्तदान करने से हार्टअटैक का खतरा भी काफी कम होता है। रक्तदान से नसों में खून का थक्का नहीं जम पाता है। नियमित रक्तदान से खून पतला बना रहता है और शरीर में खून का बहाव सही रहता है।

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